Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    इमरान खान को अस्पताल से कुछ घंटों बाद फिर जेल भेजा गया, PTI ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के उल्लंघन का लगाया आरोप

    5 hours ago

    Yugcharan News / 21 August 2026

    पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को शुक्रवार तड़के अस्पताल में कुछ घंटों की चिकित्सकीय जांच के बाद दोबारा जेल भेज दिया गया। उनकी पार्टी ने इस कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया है। पार्टी ने कहा है कि वह मामले में अदालत की अवमानना की याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है।

    इमरान खान को उनकी स्वास्थ्य स्थिति की जांच के लिए रावलपिंडी की अदियाला जेल से इस्लामाबाद स्थित अस्पताल ले जाया गया था। हालांकि, कुछ ही घंटों के भीतर उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। इस घटनाक्रम ने पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव को एक बार फिर बढ़ा दिया है।

    सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर अस्पताल ले जाए गए थे इमरान

    इमरान खान को अस्पताल ले जाने का फैसला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट के मंगलवार के आदेश के बाद किया गया था। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पूर्व प्रधानमंत्री को इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में स्थानांतरित किया जाए और उनके इलाज के लिए एक मेडिकल पैनल की सुविधा उपलब्ध कराई जाए, जिसमें उनके निजी चिकित्सक को भी शामिल किया जाए।

    PTI नेताओं का कहना है कि अदालत के आदेश का उद्देश्य इमरान खान को पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी उपलब्ध कराना था। पार्टी के अनुसार, उन्हें केवल कुछ घंटे अस्पताल में रखने के बाद वापस जेल भेजना अदालत के निर्देश की भावना के विपरीत है।

    हालांकि, पाकिस्तान सरकार की ओर से इस कार्रवाई को लेकर अलग पक्ष सामने आया। सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि सुरक्षा कारणों के चलते इमरान खान को शिफा इंटरनेशनल अस्पताल के बजाय सरकारी पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) ले जाया गया।

    सरकार के अनुसार, जिस मार्ग से इमरान खान को अस्पताल ले जाया जाना था, वहां PTI समर्थकों की मौजूदगी के कारण सुरक्षा स्थिति को देखते हुए अस्पताल का स्थान बदला गया।

    डॉक्टरों ने बताया चिकित्सकीय रूप से फिट

    सरकार के मुताबिक, इमरान खान की जांच के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम बनाई गई थी। इसमें नेत्र रोग विशेषज्ञ, हृदय रोग विशेषज्ञ और अन्य चिकित्सकीय विशेषज्ञ शामिल थे।

    सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि डॉक्टरों ने पूर्व प्रधानमंत्री की विस्तृत जांच की और उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती रखने की आवश्यकता नहीं पाई। इसके बाद उन्हें जेल वापस भेजने का फैसला किया गया।

    सरकार का कहना है कि यदि डॉक्टरों को अस्पताल में इलाज आवश्यक लगता, तो उन्हें वहीं भर्ती रखा जाता। सरकार की ओर से यह भी कहा गया कि जेल में भी आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।

    इसके विपरीत, PTI नेताओं और इमरान खान के परिवार का कहना है कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर गंभीर चिंताएं बनी हुई हैं। पार्टी लंबे समय से दावा करती रही है कि जेल में रहने के दौरान उनकी सेहत खराब हुई है।

    निजी डॉक्टर को अनुमति नहीं मिलने पर भी सवाल

    PTI ने आरोप लगाया कि इमरान खान को उनके निजी चिकित्सक तक वह पहुंच नहीं दी गई, जिसका उल्लेख सुप्रीम कोर्ट के आदेश में किया गया था। पार्टी के नेताओं ने अस्पताल बदलने के फैसले और निजी डॉक्टर की अनुपस्थिति दोनों पर सवाल उठाए हैं।

    खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और PTI नेता सोहेल अफरीदी ने पत्रकारों से बातचीत में सरकार पर अदालत के आदेश की अवहेलना का आरोप लगाया। उन्होंने इसे न्यायपालिका के आदेश के प्रति गंभीर अनादर बताया और कहा कि पार्टी इस मामले को कानूनी रूप से आगे ले जाएगी।

    PTI का कहना है कि वह सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दाखिल कर अधिकारियों की कार्रवाई को चुनौती देगी।

    इमरान खान ने जेल में प्रताड़ना का लगाया आरोप

    इमरान खान की बहन उजमा खान भी शुक्रवार को उनकी चिकित्सकीय जांच के दौरान मौजूद थीं। उन्होंने पत्रकारों को बताया कि इमरान खान ने जेल में उनके साथ कथित तौर पर बार-बार प्रताड़ना किए जाने की बात कही है।

    हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान के गृह मंत्रालय, कानून मंत्रालय और जेल अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    इमरान खान की पार्टी पहले भी जेल में उनके साथ व्यवहार और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल उठाती रही है। सरकार हालांकि इन आरोपों से अलग रुख रखती है और कहती है कि उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

    आंखों की रोशनी को लेकर भी चिंता

    इमरान खान के स्वास्थ्य को लेकर सबसे प्रमुख चिंता उनकी आंखों से जुड़ी बताई जा रही है। उनकी बहन के अनुसार, शुक्रवार को उनकी एक आंख पर पैच लगा हुआ था, हालांकि उनकी सामान्य स्थिति स्थिर दिखाई दे रही थी।

    इमरान खान के वकीलों का दावा है कि जेल में रहने के दौरान उनकी दाहिनी आंख की दृष्टि काफी प्रभावित हुई है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट में ऐसी तत्काल गंभीर स्थिति सामने नहीं आई है जिसके लिए अस्पताल में लंबे समय तक भर्ती रखना जरूरी हो।

    स्वास्थ्य संबंधी इन अलग-अलग दावों के कारण आने वाले दिनों में चिकित्सा रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।

    समर्थकों में बढ़ा आक्रोश

    इमरान खान को अस्पताल ले जाने की खबर सामने आने के बाद इस्लामाबाद में उनके समर्थक बड़ी संख्या में सड़कों पर दिखाई दिए। रिपोर्टों के अनुसार, कई समर्थकों ने उस वाहन पर फूल बरसाए, जिसके बारे में माना जा रहा था कि उसमें इमरान खान को अस्पताल ले जाया जा रहा है।

    यह घटनाक्रम पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल में विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और उनके खिलाफ कई मामले चल रहे हैं। वह और उनकी पार्टी इन मामलों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं, जबकि सरकार इस आरोप को खारिज करती है।

    PTI नेताओं ने संकेत दिया है कि इमरान खान को अस्पताल से जल्द वापस जेल भेजे जाने के बाद पार्टी के विरोध प्रदर्शनों की तैयारी और तेज हो सकती है।

    सितंबर में प्रस्तावित प्रदर्शन पर नजर

    PTI नेताओं ने कहा है कि पार्टी पहले से 27 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च की तैयारी कर रही है। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सोहेल अफरीदी ने कहा कि हाल की घटनाओं के बाद पार्टी के कार्यकर्ताओं में विरोध प्रदर्शन को लेकर सक्रियता बढ़ी है।

    यदि PTI इस मुद्दे को बड़े राजनीतिक आंदोलन में बदलती है, तो इससे पाकिस्तान में पहले से मौजूद राजनीतिक तनाव और बढ़ सकता है। खासकर इमरान खान के समर्थकों के बीच उनकी गिरफ्तारी और जेल में स्वास्थ्य को लेकर लंबे समय से असंतोष बना हुआ है।

    इस पूरे घटनाक्रम में अब सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की व्याख्या किस तरह की जाती है और अदालत PTI की संभावित अवमानना याचिका पर क्या रुख अपनाती है।

     

    फिलहाल इमरान खान को दोबारा अदियाला जेल भेज दिया गया है। सरकार का कहना है कि विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उन्हें चिकित्सकीय रूप से फिट पाया, जबकि PTI और उनके परिवार ने स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं तथा अदालत के निर्देशों के पालन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। आने वाले दिनों में न्यायिक कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले की दिशा तय कर सकती हैं।

    Click here to Read More
    Previous Article
    जयपुर में CJP टीम के स्कूल दौरे पर विवाद, अभिजीत डिपके ने राजस्थान में धरने की चेतावनी दी
    Next Article
    बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध नीति का विषय: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से PIL पर विचार करने को कहा

    Related विदेश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment