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    जेईई-एडवांस्ड 2026 रिजल्ट एनालिसिस गत वर्ष से 18 अंक बढ़ी कटआॅफ

    1 hour ago

    गत वर्ष से 2502 अधिक स्टूडेंट्स को कांउसलिंग के लिए किया क्वालीफाई

    जयपुर/कोटा. 17 मई को आईआईटी रूड़की द्वारा आयोजित जेईई-एडवांस्ड परीक्षा जो कि देश के 222 एवं विदेश के दो परीक्षा शहरों में संपन्न हुई।

    एलन कॅरियर इंस्टी्ट्यूट के कॅरियर काउंसलिंग एक्सपर्ट अमित आहूजा ने बताया कि इस वर्ष एक लाख 79 हजार 694 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। इनमें 1 लाख 39 हजार 131 छात्र एवं 40 हजार 562 छात्राएं शामिल थी। जिनमें से 56 हजार 880 स्टूडेंट्स को काउंसलिंग के लिए योग्य घोषित किया गया है। इन काउंसलिंग क्वालिफाई स्टूडेंट्स में 46 हजार 773 लड़के एवं 10 हजार 107 लड़कियां शामिल हैं। कुल क्वालिफाई 56 हजार 880 विद्यार्थियों में से 15 हजार 883 सामान्य श्रेणी के, 12385 ओबीसी, 6377 ईडब्ल्यूएस, 15856 एससी, 6379 एसटी कैटेगिरी के विद्यार्थी हैं। इस वर्ष गत वर्ष के मुकाबले 2502 अधिक विद्यार्थियों को काउंसलिंग के लिए क्वालिफाई किया गया। गत वर्ष 54 हजार 378 स्टूडेंट्स को क्वालीफाई किया गया था।

    गत वर्ष से 18 अंक बढ़ी कट ऑफ

    आहूजा ने बताया कि जेईई एडवांस्ड 2026 की कट ऑफ पिछले वर्ष 2025 की तुलना में 18 अंक अधिक रही है। इस वर्ष सामान्य श्रेणी के औसतन 25.56 (92 अंक) एवं विषयवार औसतन 7.30 (8 अंक), ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस की औसतन 22.78 प्रतिशत (82 अंक), विषयवार औसतन 6.51 प्रतिशत (7 अंक), एससी-एसटी औसतन 12.78 प्रतिशत (46 अंक) एवं विषयवार 3.65 प्रतिशत (4 अंक) कट ऑफ रही। जबकि गत वर्ष सामान्य श्रेणी की औसतन 20.55 प्रतिशत (74 अंक) एवं विषयवार 5.83 प्रतिशत (7 अंक) थी।

    किस रैंक पर कौनसी आईआईटी में मिलेगी क्या ब्रांच

    अमित आहूजा ने बताया कि जेईई-एडवांस्ड के रिजल्ट के बाद अब विद्यार्थियों और अभिभावकों में सबसे बड़ी उत्सुकता कॉलेज और ब्रांच के चयन की है। हर विद्यार्थी अच्छी आईआईटी के साथ मनपसंद ब्रांच चाहता है।

    • ऐसे विद्यार्थी जिनकी ऑल इंडिया रैंक अण्डर-100 है, उन्हें टॉप आईआईटी बॉम्बे, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में कम्प्यूटर साइंस मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों की फर्स्ट च्वाइस देखें तो आईआईटी मुम्बई सीएस ब्रांच रहती है, जो कि टॉप-61 पर क्लॉज हो जाती है। इसके बाद दूसरी प्राथमिकता दिल्ली सीएस को स्टूडेंट देते हैं। तीसरी प्राथमिकता में कानपुर और मद्रास की कम्प्यूटर साइंस ब्रांच को दी जाती है।

    • 100 से 500 रैंक के मध्य दिल्ली, कानपुर की एमएनसी, एआई , डाटा साइंस उपरोक्त चारों आईआईटी की इलेक्ट्रीकल, खड़गपुर की सीएस मिल सकती है।

    • 500 से 1000 के मध्य बीएचयू, रुड़की, हैदराबाद, गुवाहाटी की सीएस, मुम्बई, दिल्ली, कानपुर की कोर ब्रांच मिलने की संभावना है।

    • 1000 से 4000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को गांधी नगर, इंदौर, रूपड़, मंडी, जोधपुर, धनबाद, पटना, भुवनेश्वर में कम्प्यूटर साइंस एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, खड़गपुर आईआईटी में कम्प्यूटर साइंस के अतिरिक्त अन्य ब्रांचें मैकेनिकल, कैमिकल, सिविल, एयरोस्पेस, प्रोडक्शन आदि मिलने की संभावना रहती है।

    • 4000 से 8000 के मध्य रुड़की, गुवाहाटी, खड़गपुर, हैदराबाद, वाराणसी में सिविल, कैमिकल, मेटलर्जी एवं मुम्बई, दिल्ली, कानपुर, मद्रास में लोअर ब्रांचेंज, पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू में सीएस मिलने की संभावना बन सकती है।

    • 8000 से 12000 के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को रोपड़, मंडी, इंदौर, गांधीनगर, जोधपुर, भुवनेश्वर, पटना, धनबाद में कोर ब्रांच के अतिरिक्त अन्य ब्रांचों के साथ-साथ पुराने सात आईआईटी में बॉयलोजिकल साइंस, नेवल आर्किटेक्चर, माइनिंग इंजीनियरिंग, पॉलीमर साइंस, सिरेमिक इंजीनियरिंग जैसी ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है।

    • 12 से 17 हजार के मध्य रैंक प्राप्त करने वाले स्टूडेंट्स को नई आईआईटी जैसे पलक्कड़, तिरुपति, गोवा, धाड़वाड़, भिलाई, जम्मू की अन्य ब्रांचें मिलने की संभावना रहती है।

    • उपरोक्त रैंक पर आईआईटी की ब्रांच मिलने की संभावनाएं कैटेगरी अनुसार परिवर्तित होती है। साथ ही छात्राओं को दिए गए 20 प्रतिशत फी-मेल पूल कोटे से उपरोक्त आईआईटी में ब्रांच मिलने की संभावनाएं काफी पीछे की रैंक तक बन जाती है।

    आहूजा ने बताया कि ऐसे विद्यार्थी जिनकी जेईई-एडवांस्ड आल इंडिया रैंक काफी पीछे है, उन्हें जेईई-एडवांस्ड के आधार पर आईआईपीई विशाखापट्टनम, राजीव गांधी पेट्रोलियम में आवेदन के विकल्प उपलब्ध हैं। इन सभी संस्थानों की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

     

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    आईआईटी-एनआईटी प्रवेश के लिए 2 जून से जोसा काउंसलिंग

    परिणाम जारी होने के बाद 2 जून से आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी व जीएफटीआई में प्रवेश के लिए जोसा काउंसलिंग प्रक्रिया प्रारंभ होगी। सम्पूर्ण काउंसलिंग प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इस वर्ष जोसा काउंसलिंग द्वारा 23 आईआईटी, 32 एनआईटी, 26 ट्रिपलआईटी एवं 56 जीएफटीआई में प्रवेश दिया जाएगा। काउंसलिंग प्रक्रिया 2 जून से 24 जुलाई के मध्य पांच राउण्ड्स में होगी। विद्यार्थी 2 से 11 जून शाम 5 बजे से जोसा काउंसलिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन एवं कॉलेज च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। 13 जून को पहले राउण्ड का सीट आवंटन होगा। जिन विद्यार्थियों को पहले राउण्ड में सीट का आवंटन होगा, उन्हें ऑनलाइन रिपोर्टिंग के दौरान सीट असेपटेंस फीस जमा कर डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर अपनी सीट 23 जून तक कन्फर्म करनी होगी। दूसरे राउण्ड का सीट आवंटन 30 जून, तीसरे का 6 जुलाई, चैथे का 10 जुलाई व पांचवा व अंतिम 16 जुलाई को होगा।

    ऐसे फिल करें कॉलेज व ब्रांच च्वाइस

    विद्यार्थियों को जोसा काउंसलिंग में 138 संस्थानों की 900 से अधिक प्रोग्रामों की च्वाइस फिलिंग का अवसर एक बार ही दिया गया है, अतः विद्यार्थी ज्यादा से ज्यादा कॉलेजों के विकल्प को अपनी प्राथमिकता के घटते क्रम में भरें। विद्यार्थी गत वर्षों की कॉलेजों की ओपनिंग एवं क्लोजिंग रैंकों को देखते हुए कॉलेजों को चुनने के ट्रेण्ड का अनुमान लगा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी रैंक के अनुसार गत वर्षों की क्लोजिंग रैंक से नीचे की रैंक वाले कॉलेज ब्रांचों को भी अपनी रुचि अनुसार कॉलेज प्राथमिकता सूची के क्रम में शामिल करे। जोसा काउंसलिंग में कॉलेजों को भरने से पूर्व अपनी प्राथमिकता के कॉलेजों की सूची कागज पर बनाकर उसका आंकलन कर ही ऑनलाइन भरें ताकि गलती होने की संभावना ना रहे। विद्यार्थी कॉलेज च्वाइस लॉक करने से पूर्व अवश्य चेक करें क्योंकि लॉक करने के उपरान्त उसमें बदलाव संभव नहीं होंगे।

    पहला अलॉटमेंट ओपन रैंक से होगा

    जोसा काउंसलिंग के दिए गए बिजनेस रूल के अनुसार सभी विद्यार्थियों को उनकी रैंक के अनुसार भरी हुई कॉलेज सीट आवंटन में सबसे पहला सीट आवंटन ओपन रैंक पर ही किया जाएगा। ओपन रैंक पर सीट नहीं मिलने पर कैटेगिरी वाले स्टूडेंट्स को उनकी कैटेगिरी रैंक के अनुसार कॉलेज सीट आवंटित की जाएगी। इस प्रकार कैटेगिरी वाले विद्यार्थियों को ओपन एवं कैटेगिरी, दोनों में से सीट रैंक अनुसार मिल सकती है।

    ऑनलाइन रिपोर्टिंग में आवश्यक दस्तावेज

    एक्सपर्ट आहूजा के अनुसार जोसा काउंसलिंग में सीट आवंटन के बाद विद्यार्थियों को ऑनलाइन रिपोर्टिंग में 10वीं, 12वीं की अंकतालिका, कैटेगिरी सर्टिफिकेट, कैंसिल चैक की फॉटोकॉपी, मेडिकल सर्टिफिकेट आदि स्कैन कर अपलोड करने होंगे। ईडब्ल्यूएस एवं ओबीसी के विद्यार्थियों को एक अप्रैल 2026 के बाद का कैटेगिरी सर्टिफिकेट देना होगा। अन्यथा उनकी कैटेगिरी निरस्त कर ओपन रैंक से सीट आवंटित की जाएगी।

     

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