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    जय जय देव, घर-घर देव: बूंदी में देवनारायण भगवान के 1114वें अवतरण महोत्सव पर उमड़ा जनसैलाब

    1 day ago

    बूंदी। राजस्थान की छोटी काशी कही जाने वाली बूंदी नगरी आज भगवान श्री देवनारायण के जयकारों से गुंजायमान हो उठी। अवसर था भगवान श्री देवनारायण के 1114वें अवतरण महोत्सव का, जिसे जिले भर के देवभक्तों ने बेहद हर्षोल्लास और भक्ति भाव के साथ मनाया। इस भव्य आयोजन के दौरान जहाँ एक ओर कलश यात्रा में आस्था का सैलाब उमड़ा, वहीं सामूहिक विवाह सम्मेलन ने सामाजिक समरसता की मिसाल पेश की।

    भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ शुभारंभ

    महोत्सव का आगाज़ सुबह एक विशाल एवं भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पारंपरिक वेशभूषा में सजी सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर धर्म की ध्वजा लहराई। यात्रा के दौरान "जय श्री देवनारायण", "जय साडू माता" और "मालासेरी डूंगरी की जय" के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया।

    सामूहिक विवाह: सामाजिक एकता का अनूठा संगम

    अवतरण महोत्सव के उपलक्ष्य में बूंदी जिले के देवभक्तों द्वारा एक विशाल सामूहिक विवाह सम्मेलन का भी आयोजन किया गया। इस समारोह में कई जोड़े हमसफर बने। आयोजन समिति ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य समाज में फिजूलखर्ची को रोकना और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना है। नवविवाहित जोड़ों को भगवान देवनारायण और माता साडू का आशीर्वाद दिलाकर उनके सुखी जीवन की कामना की गई।

    भक्ति और शक्ति का संगम

    कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने भगवान देवनारायण के जीवन और उनके द्वारा बताए गए धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान किया। "जय जय देव, घर-घर देव" के संकल्प के साथ भक्तों ने समाज की कुरीतियों को दूर करने और एकजुट रहने की शपथ ली।

     

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