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    शबरी माता जयंती समारोह में बोले शिक्षा मंत्री मदन दिलावर भील, मीणा न होते तो राजस्थान का सम्मान न होता, यह हमारे भाई

    3 months ago

    बारां! बारां जिले के केलवाड़ा पंचायत समिति के सीताबाड़ी में शबरी माता विकास समिति द्वारा आयोजित माता शबरी जयंती समारोह में शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने संबोधित करते हुए समाज के सभी जाति वर्गों से एकजुट होकर भाई की तरह रहने की अपील की है! 

     

     दिलावर ने आदिवासी समुदाय के लोगों की संबोधित करते हुए कहा कि आज माता शबरी की जयंती है! माता शबरी भगवान राम को अपने पुत्र समान चाहती थी! जब राम उनकी कुटिया में आए तो उन्होंने उन्हें खाने के लिए चख - चख कर खाने के लिए बेर दिये! 

     चखकर बेर इसलिए दिए कि कहीं कोई कड़वा या खट्टा बेर मेरे प्यारे राम को खाने में ना आ जाए! केवल मीठे- मीठे बेर ही राम खाएं!

     

    भगवान राम ने भी माता शबरी के चखे हुए झूठे बेर बड़े स्वाद से खाये! 

     

    जब भगवान राम ने भील समुदाय की माता शबरी से कोई भेद नहीं किया, उनके झूठे बेर खाए, तो हम और आप आपस में भेद करने वाले कौन होते हैं? यदि हम ये भेद करते है तो हम भगवान राम को मानने वाले नही है! 

     

    दिलावर ने कहा की महाराणा प्रताप मेवाड़ की रक्षा के लिए जब मुगलों से युद्ध कर रहे थे, तो अनेक राज महाराज भी उनका साथ छोड़ गए थे! केवल और केवल भील, मीणा, गरासिया समुदाय ने उनका साथ दिया! उनके बाल पर ही वह मेवाड़ की रक्षा कर सके! 

     यदि उसे समय भील, मीणा, गरासिया, गाड़ियां लोहार साथ नहीं देते तो आज परिदृश्य कुछ और होता? राजस्थान और मेवाड़ का सर गर्व से ऊंचा न होता? हमें हमारे भाइयों भील, मीणा, गरासिया, गाड़ियां लोहार के सहयोग और समर्पण को कभी नहीं भूलना चाहिए!

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