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    शिक्षा विभाग के 19815 माध्यमिक स्कूलों में से 4280 स्कूलों में ही पुस्तकालयाध्यक्ष का पद

    3 months ago

    प्रदेश के पुस्तकालयाध्यक्षों को बजट से उम्मीदें:-

    समस्त स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्ष देने की पुस्तकालय संघ की मांग।

    जयपुर -आगामी 11 फरवरी को आने वाले राज्य बजट से पहले प्रदेश के पुस्तकालयाध्यक्षों और पुस्तकालय संघ (राजस्थान) ने स्कूलों में पुस्तकालय व्यवस्था मजबूत करने की मांग तेज कर दी है। 

    उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के कुल 19,815 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से केवल 4,280 स्कूलों में ही पुस्तकालयाध्यक्ष के पद स्वीकृत हैं।

    चिंताजनक स्थिति यह है कि इन 4,280 स्वीकृत पदों में से भी 1,749 पद वर्तमान में रिक्त पड़े हैं, यानी बड़ी संख्या में स्कूल बिना नियमित पुस्तकालयाध्यक्ष के ही संचालित हो रहे हैं। इससे अधिकांश विद्यालयों की लाइब्रेरी या तो औपचारिक रूप से चल रही है या पूरी तरह निष्क्रिय है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ने की आदत और शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है।

    पुस्तकालय संघ राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष कमल कनावरिया का कहना है कि स्कूल पुस्तकालय विद्यार्थियों के बौद्धिक, नैतिक और प्रतिस्पर्धात्मक विकास का आधार होते हैं। प्रशिक्षित पुस्तकालयाध्यक्ष की अनुपस्थिति से नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के प्रयास प्रभावित हो रहे हैं इसलिए सरकार को समस्त स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्ष पद का सृजन करना चाहिए।

    पुस्तकालय संघ ने सरकार से मांग की है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा भेजे गए पुस्तकालयाध्यक्ष पदों के सृजन प्रस्ताव को बिना किसी कटौती के मंजूरी दी जाए, साथ ही स्वीकृत रिक्त 1,749 पदों को शीघ्र भरा जाए तथा आवश्यकता के अनुसार अधिक से अधिक नए पद सृजित किए जाएं, ताकि प्रत्येक स्कूल में प्रभावी पुस्तकालय व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।

    पुस्तकालयाध्यक्षों का मानना है कि यदि 11 फरवरी के बजट में पद सृजन और रिक्त पदों को भरने की ठोस घोषणा होती है, तो हजारों स्कूलों की लाइब्रेरी फिर से सक्रिय होंगी और विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव होगा। अब प्रदेशभर के पुस्तकालयाध्यक्षों की नजरें बजट पर टिकी हुई हैं।

     

     

    स्वीकृत कार्यरत रिक्त पद एक नजर:-

    प्रथम श्रेणी:-

    41 स्वीकृत,17 कार्यरत, 24रिक्त

    द्वितीय श्रेणी:-

    1225 स्वीकृत, 729-कार्यरत,496 रिक्त

    तृतीय श्रेणी:-

    3014स्वीकृत,

    1791 कार्यरत,-1223 रिक्त

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