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    वेबसाइट बनाने से लेकर कंटेंट तैयार करने तक, एआई टूल्स के इस्तेमाल की दी जानकारी

    2 hours ago

    बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में एआई पर विशेष कार्यशाला आयोजित

    जयपुर। बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के उपयोग पर एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर एआई ट्रेनर सीए कमलेश बंसल, चेयरमैन डॉ. राजीव बियानी, डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी, अस्सिटेंट डायरेक्टर डॉ राधिका बियानी डागा, अस्सिटेंट डायरेक्टर सीए अभिषेक बियानी,अस्सिटेंट डायरेक्टर सीए साक्षी बियानी डीन एवं प्रिंसिपल डॉ. ध्यान सिंह गोठवाल सभी विभागाध्यक्ष और फैकल्टी सदस्य उपस्थित रहे।

    इसमें सीए कमलेश बंसल ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई के उपयोग और उसके फायदों के बारे में बताया। उन्होंने समझाया कि एआई की मदद से पढ़ाई, रिसर्च और रोजमर्रा के कई काम कम समय में और आसानी से किए जा सकते हैं। इस दौरान वेबसाइट बनाना, ई-मेल का प्रबंधन, समय-सारणी तैयार करना, प्रेजेंटेशन बनाना, जानकारी जुटाना और सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों को चैटजीपीटी, जेमिनी, क्लॉड, माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट, परप्लेक्सिटी एआई, नोटबुक एलएम, कैनवा, गामा, लवेबल, फ्रेमर एआई, जैपियर, मेक, हेजेन और इलेवनलैब्स जैसे एआई टूल्स की जानकारी दी गई।

    कार्यशाला में प्रभावी परिणाम पाने के लिए सही प्रॉम्प्ट लिखने और चैटजीपीटी की मदद से बेहतर निर्देश तैयार करने के तरीके भी समझाए गए। इसके साथ ही, गूगल के नैनो बनाना टूल की मदद से एआई इमेज जनरेट करने, एआई की सहायता से प्रेजेंटेशन तैयार करने, अवतार बनाने और वॉइस ओवर तैयार करने की प्रक्रिया पर भी चर्चा हुई। प्रतिभागियों को रिसर्च पेपर तैयार करने और शोध कार्य में सहायता के लिए नेपकिन एआई जैसे टूल्स के उपयोग की जानकारी दी गई।

    साथ ही, इन एआई टूल्स की मदद से समय बचाने, काम को व्यवस्थित करने, रचनात्मकता बढ़ाने और बेहतर परिणाम प्राप्त करने के व्यावहारिक तरीके बताए गए।

    वहीं बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के डायरेक्टर डॉ. संजय बियानी ने कहा कि बदलते दौर में नई तकनीकों को समझना और उनका सही इस्तेमाल करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों से विद्यार्थियों और शिक्षकों को अपने शिक्षा और रोजमर्रा के कामों में एआई का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।

    कार्यशाला में चंपापुरा कैंपस, कालवाड़ कैंपस, नर्सिंग, एजुकेशन ,लॉ विभाग एवं बीसीए को-एड के विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    इस दौरान एआई से सही जानकारी प्राप्त करने, तथ्यों की जाँच करने, निजी जानकारी सुरक्षित रखने और कॉपीराइट का ध्यान रखने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि एआई से तैयार सामग्री का इस्तेमाल करने से पहले उसकी जाँच करना जरूरी है।

    कार्यशाला का आयोजन बियानी ग्रुप ऑफ कॉलेजेज के आईटी विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन बागोरिया और एसोसिएट प्रोफेसर राहुल अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। कार्यशाला के अंत में प्रतिभागी विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों को एआई के व्यावहारिक उपयोग से परिचित कराना और उनके काम को आसान बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।

     

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