Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    वियतनाम में तो लाम को लगातार दूसरी बार कम्युनिस्ट पार्टी का नेतृत्व, अगले पाँच वर्षों तक सत्ता की कमान

    15 hours ago

    वियतनाम की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी ने देश के शीर्ष नेता तो लाम को लगातार दूसरी बार पार्टी का महासचिव चुन लिया है। शुक्रवार को राजधानी हनोई में संपन्न हुए राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस के दौरान केंद्रीय समिति ने सर्वसम्मति से उनके नाम पर मुहर लगाई। इस निर्णय के साथ ही तो लाम अगले पाँच वर्षों तक वियतनाम की राजनीति और शासन व्यवस्था का नेतृत्व करते रहेंगे।

    कम्युनिस्ट पार्टी के अनुसार, नवगठित केंद्रीय समिति के सभी 180 सदस्यों ने तो लाम के पक्ष में मतदान किया। एकदलीय व्यवस्था वाले वियतनाम में महासचिव का पद सबसे शक्तिशाली माना जाता है और यही पद देश की नीति दिशा, प्रशासनिक सुधारों और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को तय करता है। यह कांग्रेस हर पाँच वर्ष में आयोजित की जाती है, जिसमें नेतृत्व चयन के साथ-साथ राष्ट्रीय प्राथमिकताओं पर भी चर्चा होती है।

    पुनर्निर्वाचन के बाद सुधारों पर जोर

    पुनर्निर्वाचन के तुरंत बाद अपने संबोधन में तो लाम ने कहा कि वह शासन व्यवस्था को “ईमानदारी, प्रतिभा, साहस और दक्षता” के मूल्यों पर आधारित बनाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में अधिकारियों और संस्थानों के प्रदर्शन का मूल्यांकन ठोस और मापने योग्य परिणामों के आधार पर किया जाएगा।

    तो लाम को एक सुधारवादी नेता के रूप में देखा जाता है। अपने पहले कार्यकाल के दौरान, जो उन्होंने वर्ष 2024 के मध्य में शुरू किया था, उन्होंने तेज़ आर्थिक वृद्धि को प्राथमिकता दी और प्रशासनिक ढांचे में व्यापक बदलाव किए। इन सुधारों का उद्देश्य निर्णय प्रक्रिया को तेज़ करना और अनावश्यक औपचारिकताओं को कम करना था। हालांकि, इन कदमों के कारण बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की गईं, जिससे कुछ स्तरों पर असंतोष भी देखने को मिला।

    पार्टी के भीतर संतुलन बनाने की कोशिश

    सूत्रों के अनुसार, तो लाम ने कांग्रेस से पहले ही पार्टी के विभिन्न गुटों, विशेषकर सेना और सुरक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े नेताओं का समर्थन सुनिश्चित करने की कोशिश की थी। वियतनाम की राजनीति में सेना और राज्य के स्वामित्व वाले उद्यमों की भूमिका अहम मानी जाती है।

    जब यह आशंका जताई जाने लगी कि निजी कंपनियों को बढ़ावा देने की उनकी नीति से सरकारी कंपनियों की भूमिका कमजोर हो सकती है, तो तो लाम ने एक निर्देश जारी कर यह स्पष्ट किया कि राज्य-नियंत्रित उद्यम देश की अर्थव्यवस्था में अपनी “अग्रणी भूमिका” बनाए रखेंगे। इनमें सेना से जुड़ी दूरसंचार और रक्षा क्षेत्र की बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के भीतर संतुलन बनाए रखने और संभावित विरोध को कम करने की रणनीति का हिस्सा था।

    तेज़ आर्थिक विकास का महत्वाकांक्षी लक्ष्य

    कांग्रेस के दौरान अपने भाषण में तो लाम ने आने वाले दशक के लिए महत्वाकांक्षी आर्थिक लक्ष्य भी रखे। उन्होंने कहा कि वियतनाम को हर साल 10 प्रतिशत से अधिक की आर्थिक वृद्धि हासिल करनी चाहिए। यह लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के अनुमान से कहीं अधिक है, जिनका मानना है कि निकट भविष्य में वियतनाम की औसत वार्षिक वृद्धि दर लगभग 6 से 7 प्रतिशत रह सकती है।

    तो लाम का कहना है कि वियतनाम को अब सस्ते श्रम और निर्यात पर आधारित पारंपरिक मॉडल से आगे बढ़ना होगा। उनकी योजना के अनुसार, देश को नवाचार, उत्पादकता और दक्षता पर आधारित अर्थव्यवस्था की ओर ले जाया जाएगा, ताकि 2030 तक वियतनाम को एक उच्च-मध्यम आय वाला देश बनाया जा सके।

    प्रशासनिक ढांचे में बड़े बदलाव

    अपने पहले कार्यकाल के शुरुआती महीनों में ही तो लाम ने दशकों में सबसे व्यापक प्रशासनिक सुधारों की शुरुआत की थी। सरकारी विभागों के पुनर्गठन, जिम्मेदारियों के स्पष्ट बंटवारे और तेज़ निर्णय प्रणाली पर जोर दिया गया। उन्होंने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में यह सुधार प्रक्रिया जारी रहेगी, भले ही इसके साथ कुछ वित्तीय और संरचनात्मक जोखिम जुड़े हों।

    हालांकि, इन सुधारों को लेकर कुछ वर्गों में चिंता भी है। आलोचकों का कहना है कि तेज़ बदलावों से सामाजिक असंतुलन और प्रशासनिक दबाव बढ़ सकता है। इसके बावजूद, पार्टी नेतृत्व ने अब तक तो लाम के नेतृत्व पर भरोसा जताया है।

    राजनीतिक स्थिरता का संदेश

    विशेषज्ञों के अनुसार, तो लाम का दोबारा चयन विदेशी निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है, जो वियतनाम में राजनीतिक स्थिरता और नीति निरंतरता को महत्व देते हैं। दक्षिण-पूर्व एशिया में वियतनाम को एक उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाता है, और स्थिर नेतृत्व को निवेश के लिए अनुकूल माना जाता है।

    हालांकि, कुछ विश्लेषकों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि तो लाम भविष्य में पार्टी महासचिव के साथ-साथ राष्ट्रपति का पद भी संभालते हैं, तो इससे सत्ता का केंद्रीकरण बढ़ सकता है। वियतनाम की पारंपरिक राजनीतिक व्यवस्था सामूहिक नेतृत्व और आंतरिक संतुलन पर आधारित रही है, ऐसे में दो शीर्ष पदों का एक ही व्यक्ति के पास होना नई चुनौतियां पैदा कर सकता है।

    आगे की चुनौतियां

    अपने संबोधन के अंत में तो लाम ने पार्टी की एकता बनाए रखने का संकल्प दोहराया और कहा कि देश के सामने बड़े कार्य और चुनौतियां हैं। उन्होंने जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का भरोसा दिलाया।

     

    आने वाले पाँच वर्षों में वियतनाम के लिए आर्थिक सुधार, प्रशासनिक दक्षता, सामाजिक संतुलन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे अहम रहने वाले हैं। तो लाम का दूसरा कार्यकाल इन सभी मोर्चों पर उनकी नेतृत्व क्षमता की एक बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।

    Click here to Read More
    Previous Article
    प्रधानमंत्री मोदी के तमिलनाडु दौरे से पहले मुख्यमंत्री स्टालिन ने लंबित मंज़ूरियों और केंद्र से बकाया धन का मुद्दा उठाया
    Next Article
    इंट्राडे कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर 91.99 पर पहुंचा

    Related विदेश Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment