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    4th जस्टिस एस.सी. अग्रवाल मैमोरियल लैक्चर

    1 week ago

    कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फोर वीमेन, जयपुर द्वारा राजस्थान एज्यूकेशन ट्रस्ट के सहयोग से आर.ए. पोदार इन्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट, जे.एल.मार्ग., जयपुर के सभागार में शनिवार को प्रातः 11 बजे 4th जस्टिस एस.सी. अग्रवाल मैमोरियल लैक्चर का आयोजन किया गया। जिसमें मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता के रूप में न्यायमूर्ति हिमा कोहली, (पूर्व न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय) उपस्थित रहीं। इस व्याख्यान का शीर्षक Technology and the Legal System : From Tech Laws to Tech in Law रहा।

     

    व्याख्यान में जस्टिस वी.एस. दवे (पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय), न्यायाधीश जे.के. रांका (पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय), डी.सी. अग्रवाल (अध्यक्ष, राजस्थान एज्यूकेशन ट्रस्ट), डॉ. रश्मि चतुर्वेदी (निदेशक, कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फोर वीमेन), डॉ. वर्तिका अरोड़ा (प्राचार्या, कानोड़िया स्कूल ऑफ लॉ फोर वीमेन) एवं प्रो. (डॉ.) अनुराग शर्मा (डॉयरेक्टर, आ.ए. पोदार इन्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेन्ट) उपस्थित रहें। 

     

    व्याख्यान की शुरूआत दीप प्रज्जवलन से की गई। प्रो. (डॉ.) अनुराग शर्मा द्वारा स्वागत भाषण दिया गया। जस्टिस वी.एस. दवे ने जस्टिस पानाचन्द जैन (पूर्व न्यायाधीश, राजस्थान उच्च न्यायालय) को श्रृद्धांजली अर्पित करते हुए उनके साथ रहे अपने अनुभवों को साझा किया। 

     डी.सी. अग्रवाल ने ट्रस्ट का परिचय देते हुए इसके उद्देश्यों तथा इसके द्वारा की गई विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। व्याख्यान में माननीय न्यायाधीश जे.के. रांका ने इस स्मृति व्याख्यान में न्यायाधीश एस.सी. अग्रवाल का जीवन परिचय व न्याय के क्षेत्र में उनके योगदान से अवगत कराया।

     

    मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति हिमा कोहली ने अपने व्याख्यान में टेक्नोलोजी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की यह ऑफलाईन से ऑनलाईन की ओर हुआ बदलाव महज तकनीकी परिवर्तन नहीं है, बल्कि एक मौलिक न्यायिक बदलाव है। विधि के शासन द्वारा शासित तकनीक और कानून की सेवा में तकनीक उनके व्याख्यान का मुख्य केन्द्र रही। उन्होंने यह भी कहा की ए.आई. का अनियन्त्रित और अंधाधुन्ध उपयोग सहायता के साधन को गलत सूचना के स्त्रोत में बदल सकता है। किसी भी कानूनी प्रणाली की ताकत उसके उपकरणों में नहीं बल्कि उसके दृष्टिकोण में होती है।

     

    कार्यक्रम में राजस्थान उच्च न्यायालय के कई सेवानिवृत न्यायाधीश, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं राजस्थान के विभिन्न विधि महाविद्यालयों के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दी। कार्यक्रम में लगभग 300 लोग उपस्थित रहें। 

     

    व्याख्यान के बाद एक प्रश्नोत्तरी सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन मिस शिवि सरोल एवं डेनिस ने किया। अन्त में प्राचार्या, डॉ. वर्तिका अरोड़ा द्वारा राजस्थान एज्यूकेशन ट्रस्ट एवं आर.ए. पोदार इंस्टिट्यूट का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

     

     

     

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