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    अपेक्स यूनिवर्सिटी में भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम, सुरेश वाडकर ने बांधा समां

    1 month ago

    अपेक्स ग्रुप के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. सागरमल जूनीवाल की 8वीं पुण्यतिथि पर सजी ‘एक स्मृति’ भजन संध्या*

    जयपुर। अपेक्स यूनिवर्सिटी द्वारा संजय एवं अपेक्स ग्रुप के संस्थापक स्वर्गीय डॉ. सागरमल जूनीवाल की 8वीं पुण्यतिथि के अवसर पर मानसरोवर स्थित अपेक्स कैंपस में भजन संध्या "एक स्मृति" का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर पद्म श्री एवं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित मशहूर बॉलीवुड प्लेबैक सिंगर सुरेश वाडकर ने अपनी सुमधुर गायकी से पूरे वातावरण को भक्ति रस में सराबोर कर दिया।

     

    कार्यक्रम में जैसे ही सुरेश वाडकर ने नवकार मंत्र, महामृत्युंजय मंत्र, ऐ मालिक तेरे बंदे हम, इतनी शक्ति हमे देना.., और ‘अच्युतम केशवम राम नारायणम’ जैसे भजनों की प्रस्तुति शुरू की, वैसे ही पूरा परिसर भक्ति भावना में डूब गया। उनकी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुति ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके पश्चात उन्होंने सुख के सब साथी, ज्योत से ज्योत जगाते चलो, तु प्यार का सागर है, पायो जी मेने राम रतन, राम नाम तु भज ले प्यारे, ओ रे राही तुझे जाना है दुर नगरिया, रहना नही देश बिराना है, मन उसी कि करो प्रार्थना और ‘श्याम तेरी बन्सी पुकारे’ जैसे लोकप्रिय भजनों की श्रृंखला प्रस्तुत कर पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। हजारों की संख्या में उपस्थित दर्शकों ने पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम का आनंद लिया और तालियों की गड़गड़ाहट से परिसर गूंज उठा।

     

    भक्ति गीतों के साथ-साथ सुरेश वाडकर ने “ऐ ज़िंदगी गले लगा ले”, “सीने में जलन”, “लगी आज सावन की”, “सपनों में मिलती है” जैसे सदाबहार फिल्मी गीतों की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में संगीतमय रंग भी घोल दिए। लगभग दो घंटे तक चली उनकी प्रस्तुति के दौरान श्रोता अपनी जगह से टस से मस नहीं हुए और पूरा अपेक्स परिसर संगीत की मधुर लहरियों में डूबा रहा।

     

    कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षाविद् स्वर्गीय डॉ. सागरमल जूनीवाल के चित्र पर उनकी धर्मपत्नी निर्मला देवी जूनीवाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर अपेक्स यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर वेदांशु जूनीवाल ने डॉ. जूनीवाल के जीवन एवं उनके शैक्षिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ. सागरमल जूनीवाल एक शिक्षाविद्, परोपकारी व महान दूरदर्शी थे उन्होंने वर्ष 1965 में एक छोटे से विद्यालय से अपनी शैक्षिक यात्रा प्रारंभ की थी, जो आज अपेक्स यूनिवर्सिटी के रूप में एक विशाल वटवृक्ष बन चुकी है और देश को गुणवत्तायुक्त, तकनीकी एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान कर रही है।

    कार्यक्रम में अपेक्स यूनिवर्सिटी के चेयरपर्सन डॉ. रवि जूनीवाल ने अतिथियों का स्वागत किया, वहीं संजय शिक्षा समिति के सचिव मनोज जूनीवाल ने सुरेश वाडकर को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर शहर के अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षाविद् एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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