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    जनजातीय गौरव दिवस मनाया

    5 months ago

    जयपुर। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, जयपुर परिसर में आज भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयन्ती और जनजातीय गौरव दिवस के अवसर भव्य एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ सरस्वती पूजन और भगवान बिरसा मुंडा की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य जनजातीय नायकों के इतिहास, वीरता, सांस्कृतिक धरोहर तथा राष्ट्र निर्माण में उनके असाधारण योगदान को स्मरण करना था। दो दिवसीय कार्यक्रम के अन्तर्गत अनेक शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए तथा बिरसा मुंडा की स्मृति में वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. कन्हैयालाल मीणा रहे, जिन्होंने अपने उद्बोधन में बिरसा मुंडा ,जनजातीय समाज की गौरवशाली परंपरा, औपनिवेशिक काल में उनके संघर्षों, राष्ट्र प्रेम, त्याग, साहस एवं सांस्कृतिक समृद्धि पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता  प्रशांत कुमार, विभाग प्रचारक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जयपुर ने कहा कि भारत की स्वतंत्रता एवं सामाजिक चेतना के इतिहास में जनजातीय समाज का योगदान अतुलनीय है।  उन्होंने बिरसा मुंडा सहित अनेक जनजातीय नेताओं के आदर्शों को प्रेरणास्रोत बताया। उन्होंने कहा रामायणकाल से लेकर अबतक अलग-अलग काल खंड में भारतीय संस्कृति को अलग-अलग पहचान मिली जिसमें से जनजाति संस्कृति की भी अपनी महत्ता है। जनजातीय शोधकर्ताओं को इस पर कार्य करना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के वरिष्ठ आचार्य प्रो. लोक मान्य मिश्र ने की। उन्होंने कहा कि जनजातीय समुदायों की परंपराएँ भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और विश्वविद्यालय द्वारा ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी में राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक जागरूकता का विस्तार करते हैं। समारोह में सह-निदेशक प्रो. शीशराम ने बताया युवाओं को भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चल कल राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए। स्वागत भाषण  प्रो गौरांग बाघ एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ आरती मीना ने किया। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम सह संयोजक डॉ. सुभाष चन्द्र मीणा ने किया।परिसर मीडिया प्रभारी डॉ रानी दाधीच ने बताया कि इस अवसर पर सह निदेशक प्रो बोध कुमार झा, प्रो. कृष्णा शर्मा, डॉ सच्चिदानन्द स्नेही, प्रो. विष्णु कुमार निर्मल, डॉ सीमा अग्रवाल, डॉ दरियाव सिंह , डॉ. बत्तीलाल मीना, डॉ मनीष चांडक, डॉ. हरिओम शर्मा, डॉ विनोद शर्मा, डॉ रामेश्वर दयाल शर्मा, डॉ विनी शर्मा, डॉ प्रिती शर्मा, डॉ कान्ता गलानी, डॉ सुरेन्द्र जाखड़, डॉ प्रकाश यादव, डॉ प्रभात दास, डॉ श्रुति जैन, डॉ सत्यकाम आर्य, डॉ प्रभात दास, डॉ अंजली गौतम, प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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