Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    " काव्य वही श्रेष्ठ है जो राष्ट्र की उन्नति में सहायक हो " - प्रो नंद किशोर पाण्डेय

    1 hour ago

    'शब्द रसायन' संस्थान का पहला आयोजन कानोड़िया कॉलेज में सम्पन्न

    जयपुर। वैचारिक विमर्श के लिए नवगठित 'शब्द रसायन' संस्थान का पहला आयोजन बुधवार को जयपुर के कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। दीप प्रज्वलन और मां शारदे की वंदना के बाद कॉलेज प्राचार्या डॉ सीमा अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संस्थान के निदेशक डॉ रेवंत दान ने शब्द रसायन की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए कहा कि भविष्य में इस संस्थान के माध्यम से साहित्य, शिक्षा, राजनीति, सिनेमा, पत्रकारिता, उद्योग, विज्ञान, खेल और व्यापार जगत से जुड़े सामयिक विषयों पर वैचारिक विमर्श के कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे । संस्थान के सचिव मुरारी गुप्ता ने बताया कि आज के इस आयोजन के अंतर्गत स्वरचित काव्यपाठ प्रतियोगिता में छात्राओं ने सामाजिक समरसता, नागरिक कर्तव्य, पर्यावरण, स्वदेशी और संयुक्त परिवार आदि विषयों पर अपनी स्वरचित कविताएं प्रस्तुत की। प्रतियोगिता में जाह्नवी मंडल ने प्रथम, तेजस्वी सहारिया ने द्वितीय और सीपिका लवानिया ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। विजेता प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर पुरस्कृत किया गया।

    इस अवसर पर मुख्य अतिथि प्रो नंदकिशोर पांडेय का विशेष व्याख्यान हुआ। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जो संवेदनशील है उनके भीतर कविता का प्रस्फुटन होता है। उन्होंने कवि वाल्मीकि, पंत और कालिदास का उद्धरण देते हुए कहा कि जो नैसर्गिक कवि है वह अपनी गहरी संवेदना से प्रेरित होकर काव्य रचना करते हैं। उन्होंने कहा कि काव्य और कला वही श्रेष्ठ है जो समाज और राष्ट्र की उन्नति में सहायक हो और सामाजिक समरसता का संचार करें ।

    प्रोफेसर पांडेय ने कहा कि जीवन को सफल बनाने से ज्यादा महत्वपूर्ण है उसे सार्थक बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी संस्कृति ने जहां सृष्टि को मनुष्य के उपभोग के लिए बताया वहीं भारत ने करुणा दृष्टि के साथ सिखाया कि प्रकृति समस्त प्राणियों के लिए हैं।

    निर्णायक मंडल की डॉ रेखा गुप्ता ने सभी प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को कॉलेज की पढ़ाई के साथ अपने व्यक्तिव के सर्वांगीण विकास के लिए सह शैक्षणिक गतिविधियों में उत्साह से भाग लेना चाहिए। कार्यक्रम की संयोजक डॉ धर्मा यादव रहीं और धन्यवाद ज्ञापन डॉ शीताभ शर्मा द्वारा किया गया। कार्यक्रम का संचालन कशिश गौड़ द्वारा किया गया।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    आत्महत्या रोकथाम दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
    Next Article
    लम्पी रोग से गौवंश को बचाने की विभाग की पूरी तैयारी, स्थिति नियंत्रण मेंः पशुपालन मंत्री

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment