Search

    Language Settings
    Select Website Language

    GDPR Compliance

    We use cookies to ensure you get the best experience on our website. By continuing to use our site, you accept our use of cookies, Privacy Policy, and Terms of Service.

    मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

    1 hour ago

    जयपुर। प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास विज्ञान विभाग द्वारा मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानसिक तनाव, चिंता एवं अवसाद जैसी समस्याओं को समझने के लिए प्रेरित करना तथा आत्महत्या की रोकथाम के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना था।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित भाषण एवं कविताओं की प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दीं। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य के महत्व, भावनात्मक चुनौतियों तथा कठिन परिस्थितियों में एक-दूसरे का सहयोग करने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं आत्महत्या की रोकथाम से संबंधित एक फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जिसने विद्यार्थियों को मानसिक समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने और समय पर उचित सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। फिल्म प्रदर्शन के पश्चात सभी उपस्थित सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित शपथ दिलवाई गई, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, मानसिक समस्याओं से जूझ रहे व्यक्तियों के प्रति संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार अपनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर उचित सहायता लेने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया।

    कार्यक्रम का सफल आयोजन समन्वयक सीमा चौधरी एवं सह-समन्वयक श्री धीरज कुमार नागर किया द्वारा गया। मंच संचालन कृषि विभाग की छात्रा तनिषा मीणा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सुव्यवस्थित ढंग से किया गया।

    इस अवसर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. रश्मि जैन ने अपने संबोधन में मानसिक स्वास्थ्य को वर्तमान समय की एक अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का प्रभाव व्यक्ति के विचारों, व्यवहार, निर्णय लेने की क्षमता तथा दैनिक जीवन पर पड़ता है। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज करना या उन्हें छिपाना उचित नहीं है। मानसिक तनाव और भावनात्मक कठिनाइयों के समय उचित सहयोग एवं मार्गदर्शन न मिलने से परिस्थितियाँ गंभीर हो सकती हैं। इसलिए मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाना और आत्महत्या की रोकथाम के लिए समय रहते उचित सहायता उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी से मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने तथा जरूरतमंद व्यक्तियों के प्रति सहानुभूति एवं सहयोग का भाव रखने का आह्वान किया।

    विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने पर बल दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    कार्यक्रम के अंत में विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास विज्ञान विभाग के सहायक अध्यापक श्री हसन दीन खान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

    इस कार्यक्रम में विशेष शिक्षा एवं पुनर्वास विज्ञान विभाग की गीता रानी एवं मनीष कुमार मीणा सहित विभाग के सभी शिक्षकों की सहभागिता सराहनीय रही। सभी के सहयोग एवं सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

     

    Click here to Read More
    Previous Article
    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में संकाय संवर्द्धन कार्यक्रम के द्वितीय दिवस पर शोध, नवाचार एवं परीक्षा सुधारों पर विशेषज्ञ व्याख्यान आयोजित
    Next Article
    दीपशिखा कॉलेज में सतर्कता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत प्रश्नोत्तरी एवं स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित

    Related राजस्थान Updates:

    Are you sure? You want to delete this comment..! Remove Cancel

    Comments (0)

      Leave a comment