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    मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत’ राज्य स्तरीय चित्र प्रदर्शनी एवं पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित, प्रतिभाशाली विद्यार्थी हुए सम्मानित

    1 hour ago

    जयपुर।स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय चित्र प्रतियोगिता 2026 ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत’ के अंतर्गत पुरस्कार वितरण एवं चित्र प्रदर्शनी समारोह बुधवार को जवाहर कला केंद्र के रंगायन सभागार में गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं विद्यालयों से चयनित प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उनकी उत्कृष्ट कलाकृतियों के लिए सम्मानित किया गया। साथ ही विद्यार्थियों द्वारा विकसित भारत की परिकल्पना को रंगों और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत करने वाली उत्कृष्ट कलाकृतियों की प्रदर्शनी भी लगाई गई।

    समारोह के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता पर्यटन, कला एवं संस्कृति विभाग की शासन सचिव एवं जवाहर कला केंद्र की महानिदेशक श्रीमती शुचि त्यागी ने की।

    इस अवसर पर दिव्यांश सिंह, संयुक्त शासन सचिव; ललित कुमार, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर; विश्व मोहन शर्मा, आयुक्त, मिड-डे मील एवं विशिष्ट शासन सचिव; डॉ. रश्मि शर्मा, राज्य परियोजना निदेशक, राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद तथा श्रीमती प्रियंका जोधावत, निदेशक, संस्कृत शिक्षा विभाग सहित स्कूल शिक्षा विभाग एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

    बच्चों की कल्पना में दिखी विकसित भारत की तस्वीर

    समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और कलात्मक अभिव्यक्ति की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियों में भविष्य के भारत को लेकर उनकी सोच, आकांक्षाएं और विकसित राष्ट्र की एक उज्ज्वल तस्वीर दिखाई देती है।

    उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच देने के साथ उनमें रचनात्मक सोच, आत्मविश्वास और राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारी की भावना को भी प्रोत्साहित करती हैं। विद्यार्थियों की कल्पनाओं में उभरता विकसित भारत आने वाले समय के प्रति उनके सकारात्मक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

    कार्यक्रम की अध्यक्ष श्रीमती शुचि त्यागी ने विद्यार्थियों के जीवन में कला एवं संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बच्चों में मौजूद प्रतिभा को पहचानना और उसे अभिव्यक्ति के लिए सही मंच उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। ऐसे अवसर विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मक क्षमता को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करते हैं और भविष्य में कला एवं अन्य क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोलते हैं।

    अलंकार दीर्घा में सजी विद्यार्थियों की कलाकृतियां

    कार्यक्रम के दौरान जवाहर कला केंद्र की अलंकार दीर्घा में विद्यार्थियों द्वारा तैयार उत्कृष्ट चित्रों की राज्य स्तरीय प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें विद्यार्थियों ने अपने सपनों के विकसित भारत को अलग-अलग दृष्टिकोण, रंगों और कल्पनाओं के माध्यम से कैनवास पर उतारा।

    प्रदर्शनी का अतिथियों, शिक्षा अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने अवलोकन किया और बच्चों की कलात्मक अभिव्यक्ति एवं मौलिक सोच की सराहना की।

    विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र

    राज्य स्तरीय चित्र प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को समारोह के दौरान नकद पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    प्रतियोगिता में रामगढ़, जैसलमेर के राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय की छात्रा पूनम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उन्हें 11 हजार रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    कक्षा 9 की छात्रा दीया पाटीदार ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। उन्हें 5 हजार 100 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

    प्रतापगढ़ की छात्रा हिमांशी मकवाना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। उन्हें 3 हजार 100 रुपये की पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

    पुरस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ उपस्थित शिक्षकों और अभिभावकों ने भी इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की। समारोह ने विद्यार्थियों को न केवल अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर दिया, बल्कि प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों से आए अन्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की रचनात्मकता को देखने और उनसे सीखने का मंच भी प्रदान किया।

    इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारी, जयपुर संभाग की संयुक्त निदेशक श्रीमती मंजू शर्मा, विभिन्न जिलों के शिक्षा अधिकारी, शिक्षकगण, प्रतिभागी विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

    राज्य स्तरीय आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता और कला प्रतिभा को मंच प्रदान करने के साथ ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत’ की संकल्पना को बच्चों की दृष्टि से अभिव्यक्त किया गया।

     

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