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    जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज, छात्रों की मांगों के समर्थन में उतरे राहुल गांधी; पुलिस कार्रवाई पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त

    1 hour ago

    युगचरण न्यूज़ | 22 जुलाई 2026

    नई दिल्ली में कथित नीट प्रश्नपत्र लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन बुधवार को और तेज हो गया। हजारों छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न संगठनों के समर्थक प्रदर्शन स्थल पर जुटे और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता तथा जवाबदेही की मांग दोहराई। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आने वाले दिनों में देशभर से और बड़ी संख्या में लोग दिल्ली पहुंचेंगे।

    इस बीच लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सभी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए और छात्रों की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने दायित्वों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में असफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मुद्दा नहीं बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा विषय है।

    राहुल गांधी ने यह भी दावा किया कि देश के परिवार नीट परीक्षा की तैयारी पर लगभग उतना ही खर्च करते हैं, जितना केंद्र सरकार पूरे शिक्षा बजट पर खर्च करती है। उन्होंने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों पर आर्थिक तथा मानसिक दबाव लगातार बढ़ रहा है, इसलिए सरकार को उनकी चिंताओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करना चाहिए।

    उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कथित अत्यधिक बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिया कि घटना से संबंधित सभी सीसीटीवी फुटेज, वीडियोग्राफी और अन्य रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखे जाएं ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी जांच की जा सके।

    प्रदर्शन के संबंध में दिल्ली पुलिस अब तक पांच अलग-अलग थाना क्षेत्रों में कुल 10 एफआईआर दर्ज कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि विभिन्न घटनाओं और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की जांच जारी है। दूसरी ओर, सर्वोच्च न्यायालय ने पुलिस कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

    इसी दौरान केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए देश के छात्रों और युवाओं का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार छात्रों की समस्याओं को सुनने और उनका समाधान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा युवाओं को किसी भी प्रकार के भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए।

    वहीं केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा और केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम स्थित अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से मुलाकात की। वांगचुक पिछले 25 दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे और अदालत के निर्देश के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल की ओर से जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार उनकी हालत स्थिर है, वे पूरी तरह होश में हैं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।

    सीजेपी नेतृत्व ने भी सोनम वांगचुक से स्वास्थ्य को देखते हुए अपना अनशन समाप्त करने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि आंदोलन किसी एक व्यक्ति पर निर्भर नहीं है और उनकी प्रमुख मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।

    दोपहर के समय जंतर-मंतर के आसपास कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल भी देखने को मिला। मौके पर मौजूद पुलिस ने लोगों से निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर ही रहने और सड़क खाली करने की अपील की। पुलिस लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से भीड़ को निर्देश देती रही ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

    इस बीच बिहार की राजधानी पटना में भी नीट मामले को लेकर प्रदर्शन हुए, जहां पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पानी की बौछार की और लाठीचार्ज किया। वहीं मुंबई, कोच्चि और देश के अन्य शहरों में भी विभिन्न संगठनों ने विरोध प्रदर्शन और एकजुटता मार्च निकाले।

    दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राजधानी के कई प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद रखा, जिससे बड़ी संख्या में यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कई लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े और कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों व छात्रों को लंबा सफर तय करना पड़ा।

    संसद में भी इस मुद्दे की गूंज सुनाई दी। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की ओर से संकेत दिया कि नीट प्रश्नपत्र लीक मामले पर चर्चा कराने के लिए सरकार तैयार है। विपक्षी दलों ने इसे छात्रों के हित से जुड़ा राष्ट्रीय मुद्दा बताते हुए विस्तृत चर्चा की मांग की।

     

    फिलहाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी है और आंदोलनकारी अपने प्रमुख मांगों पर सरकार की स्पष्ट प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं। वहीं न्यायिक कार्यवाही, राजनीतिक बयानबाजी और प्रशासनिक कदमों के बीच यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

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