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    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर में मनाया गया विश्व पुस्तक दिवस

    2 hours ago

    यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी, जयपुर की मानविकी, कला एवं सामाजिक विज्ञान विभाग में ‘विश्व पुस्तक दिवस’ के अवसर पर सेमिनार हॉल ए-ब्लॉक में एक गरिमामय एवं ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों में पठन-पाठन की संस्कृति को सुदृढ़ करना तथा पुस्तकों के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना था। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय की प्रेसिडेंट प्रोफेसर (डॉ.) रश्मि जैन ने अपने उद्बोधन में कहा कि- “पुस्तकें मानव सभ्यता की धरोहर हैं, जो ज्ञान, संस्कार और विचारों की निरंतरता को बनाए रखती हैं। डिजिटल युग में भी पुस्तकों का महत्व अक्षुण्ण है।” प्रो-प्रेसिडेंट डॉ. अंकित गांधी ने अपने संदेश में कहा कि- “पठन की आदत व्यक्ति के भीतर विश्लेषणात्मक सोच और सृजनात्मकता का विकास करती है, जो किसी भी समाज के बौद्धिक उत्थान के लिए आवश्यक है।”

     प्रो-चेयरपर्सन डॉ. अंशु सुराना ने अपने संदेश में कहा कि- “पुस्तकें केवल जानकारी का स्रोत नहीं, बल्कि जीवन के विभिन्न आयामों को समझने का सशक्त माध्यम हैं, जो हमें संवेदनशील और जागरूक नागरिक बनाती हैं।” कुलसचिव डॉ. अनूप शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि- “विश्वविद्यालयों में पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देना समय की मांग है, जिससे विद्यार्थियों में आत्म-अध्ययन और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित हो सके।” संयोजक डॉ. प्रेम कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि- “ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को पुस्तकों के प्रति आकर्षित करने और उनके बौद्धिक विकास को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।”

    विभागाध्यक्ष डॉ. सीता राम माली ने अपने वक्तव्य में कहा कि- “विश्व पुस्तक दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि पुस्तकें हमारे जीवन का अभिन्न अंग हैं और इनके माध्यम से हम ज्ञान के नए आयामों को प्राप्त कर सकते हैं।” डॉ. कुलदीप शर्मा, (कृषि विभाग ) ने भी अपने विचार साझा करते हुए कहा कि- “नियमित पठन से व्यक्ति का व्यक्तित्व समृद्ध होता है और वह समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सक्षम बनता है।” कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए पुस्तक-पठन के अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम का संचालन श्री जितेन्द्र कुमार योगी ( सहायक पुस्तकालयाध्यक्ष) द्वारा किया गया तथा अंत में डॉ . प्रेम कुमार द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया।

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