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    पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने एमवीयू के कॉल सेंटर का किया औचक निरीक्षण

    2 hours ago

    लापरवाही पर एक्शन, कॉल सेंटर में बढ़ेंगे पद और तैनात होंगे अधिकारी

    जयपुर। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को जामडोली स्थित मोबाइल वेटनरी यूनिट के कॉल सेंटर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं को सुधारने और पशुपालकों को बेहतर सेवाएं देने के लिए कई कड़े और महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। निरीक्षण के समय उनके साथ पशुपालन विभाग के प्रमुख शासन सचिव विकास सीताराम भाले भी उपस्थित रहे।

    अनुपस्थित कर्मचारियों पर गिरी गाज

    निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमावत ने व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया। इस दौरान कॉल सेंटर पर पांच कॉलिंग एक्जक्यूटिव अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। मंत्री ने इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए अनुपस्थित मिले पांचों कर्मचारियों के विरुद्ध तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

    क्षमता विस्तार: 44 से बढ़कर 60 होंगे पद

    पशुपालकों की शिकायतों और कॉल्स का त्वरित निस्तारण करने के लिए मंत्री ने कॉल सेंटर की क्षमता बढ़ाने का फैसला किया। उन्होंने कॉल सेंटर पर कॉलिंग एक्जक्यूटिव के पदों की संख्या को वर्तमान 44 से बढ़ाकर 60 करने के आदेश जारी किए। इससे कॉल वेटिंग का समय कम होगा और ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों से संपर्क हो सकेगा।

    प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी होंगे तैनात

    कॉल सेंटर के कामकाज में पारदर्शिता और नियमितता बनाए रखने के लिए मंत्री ने एक नया मॉनिटरिंग सिस्टम लागू करने को कहा। इसके तहत पशुपालन विभाग के दो अधिकारियों की कॉल सेंटर पर नियमित ड्यूटी लगाई जाएगी, जो रोजाना की गतिविधियों और कर्मचारियों की उपस्थिति पर नजर रखेंगे।

    मोबाइल वैन और उपचार के लिए नए नियम

    पशुओं के इलाज की व्यवस्था को और पुख्ता बनाने के लिए मंत्री श्री कुमावत ने कई दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल वेटनरी यूनिट (वैन) के मौके पर पहुंचकर बीमार पशु का उपचार करने के बाद, पशुपालक के रजिस्टर में अनिवार्य रूप से हस्ताक्षर करवाने होंगे। प्रत्येक मोबाइल वेटनरी यूनिट पर एक परफॉर्मा/रजिस्टर का संधारण करना आवश्यक होगा। श्री कुमावत ने कहा कि यदि किसी कारणवश कोई कॉल पेंडिंग रह जाती है, तो उसे अगले दिन की सूची में शिफ्ट कर हर हाल में बीमार पशु का उपचार सुनिश्चित किया जाएगा।

     

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