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    ‘मूव बेटर। फील बेटर। लिव बेटर।’ के संदेश के साथ जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में मनाया गया फिजियो फेस्ट 2026

    1 hour ago

    स्वास्थ्य, फिटनेस और मानसिक खुशहाली के रंग में रंगा विश्वविद्यालय परिसर, विद्यार्थियों ने उत्साह से लिया भाग

    जयपुर।

    जेईसीआरसी विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य, फिटनेस और बेहतर जीवनशैली के संदेश को केंद्र में रखते हुए फिजियो फेस्ट 2026 का आयोजन किया गया। “मूव बेटर। फील बेटर। लिव बेटर।” थीम पर आयोजित इस उत्सव में विद्यार्थियों ने विभिन्न स्वास्थ्य, फिटनेस, जागरूकता और मनोरंजक गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ फिजियोथेरेपी द्वारा डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी, एम-पावर सेल, एनएसएस, एनसीसी और स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने पूरे विश्वविद्यालय परिसर में ऊर्जा, उत्साह और सहभागिता का माहौल बनाया।

    फिटनेस से मनोरंजन तक, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह

    फिजियो फेस्ट के दौरान विद्यार्थियों के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें फिटनेस चुनौतियां, जुंबा, आत्मरक्षा प्रशिक्षण, फिटनेस अभ्यास तथा संगीत और नृत्य आधारित गतिविधियां प्रमुख रहीं। विद्यार्थियों ने इन गतिविधियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और स्वास्थ्य को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाने का संदेश दिया।

    कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित फिजियो मेला भी विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में 15 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें स्वास्थ्य, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, फिजियोथेरेपी और स्वस्थ जीवनशैली से जुड़ी जानकारी के साथ मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक गतिविधियां भी शामिल थीं।

    स्वास्थ्य जांच और सही जीवनशैली पर रहा विशेष जोर

    ‘नरिश टू फ्लरिश’ स्टॉल के माध्यम से विद्यार्थियों को संतुलित खान-पान और पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। वहीं ‘आरोग्य 2.0’ के तहत नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं फिजियोथेरेपी शिविर आयोजित किया गया, जिसमें रक्तचाप जांच, बीएमआई जांच, सर्वाइकोजेनिक सिरदर्द की जांच और फिजियोथेरेपी परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

    एर्गोनॉमिक स्टेशन में विद्यार्थियों को सही तरीके से बैठने, खड़े होने और काम करने के महत्व के बारे में बताया गया तथा गलत शारीरिक मुद्रा से होने वाली समस्याओं से बचाव के उपाय समझाए गए। वहीं ‘न्यूरोसंतुलन’ केंद्र पर आधुनिक तकनीक के माध्यम से शरीर की मुद्रा की जांच की गई।

    इसके अलावा एम-पावर सेल और डिपार्टमेंट ऑफ साइकोलॉजी के स्टॉल के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और मनोवैज्ञानिक खुशहाली के प्रति भी विद्यार्थियों को जागरूक किया गया।

    जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर से स्वास्थ्य शिक्षा को मिलेगा नया आयाम

    जेईसीआरसी विश्वविद्यालय की यात्रा में जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर की शुरुआत स्वास्थ्य शिक्षा और संस्थागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य शिक्षा को केवल कक्षा, प्रयोगशाला और चिकित्सकीय प्रशिक्षण तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक स्वास्थ्य, व्यवहारिक कल्याण और सामुदायिक सहभागिता से जोड़ने के नए अवसर तैयार हो रहे हैं।

    फिजियो फेस्ट इसी सोच को आगे बढ़ाने वाला प्रयास रहा, जहां विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य को केवल बीमारी के उपचार के रूप में नहीं, बल्कि बेहतर और संतुलित जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा समझा।

    स्वास्थ्य को कैंपस संस्कृति का हिस्सा बनाना जरूरी : अर्पित अग्रवाल

    जेईसीआरसी विश्वविद्यालय के वाइस चेयरपर्सन अर्पित अग्रवाल ने फिजियो फेस्ट की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय केवल शिक्षा देने का स्थान नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों की आदतों, मूल्यों और जीवनशैली को आकार देने वाली जगह भी है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और फिटनेस को विद्यार्थियों के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।

    उन्होंने कहा कि जेईसीआरसी हॉस्पिटल–इनफिनिट केयर के साथ विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य, शिक्षा, निवारक देखभाल, मानसिक एवं व्यवहारिक स्वास्थ्य और सामुदायिक सहभागिता को एक-दूसरे से जोड़ने की दिशा में नए अवसर तैयार हो रहे हैं। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ-साथ समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए भी प्रेरित करते हैं।

    डॉ. विशाल जैन, डीन एवं प्रोफेसर, स्कूल ऑफ एलाइड हेल्थ साइंसेज, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी ने कहा कि फिजियो फेस्ट का उद्देश्य विद्यार्थियों को फिजियोथेरेपी और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को केवल पाठ्यक्रम के माध्यम से समझाना नहीं, बल्कि उन्हें व्यावहारिक अनुभव और दैनिक जीवन से जोड़ना है।

    उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में शारीरिक सक्रियता, सही शारीरिक मुद्रा, स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के प्रति समझ विकसित करते हैं। उन्होंने आयोजन में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र के भावी पेशेवरों के लिए स्वयं स्वस्थ रहना और समाज को स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

     

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