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    प्रख्यात फोटोग्राफर डॉ. आशा शर्मा ने छात्राओं को दिया हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण, सैकड़ों छात्राओं ने की सहभागिता

    4 hours ago

    विश्व फोटोग्राफी दिवस पर फोटोग्राफी कार्यशाला एवं ‘आनंदम्’ फोटो प्रतियोगिता आयोजित

    जयपुर। ए.पी.जे. अब्दुल कलाम राजकीय कन्या महाविद्यालय, गंगापोल, जयपुर में विश्व फोटोग्राफी दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के फोटोग्राफी क्लब के तत्वावधान में फोटोग्राफी कार्यशाला एवं ‘आनंदम्–आनंद का अनुभव’ विषय पर फोटो प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

    कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के चित्र पर माल्यार्पण एवं मुख्य वक्ता के पुष्प स्वागत के साथ हुआ। कार्यशाला की मुख्य वक्ता डॉ. आशा शर्मा, प्रख्यात फोटोग्राफर एवं प्राणीशास्त्री ने छात्राओं को फोटोग्राफी की विभिन्न तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने फ्रेमिंग, कम्पोजिशन, प्रकाश, कैमरा एंगल, विषय चयन तथा फोटोग्राफी के बारीकियों को समझाते हुए छात्राओं को हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया। छात्राओं ने व्यावहारिक अभ्यास के माध्यम से प्रभावी एवं रचनात्मक फोटोग्राफी की बारीकियों को समझा।

    कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. हेमन्त पारीक ने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में वेल्यू एडेड कोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ऐसे पाठ्यक्रम विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ रचनात्मकता, संवेदनशीलता, व्यावहारिक कौशल एवं जीवनोपयोगी अनुभवों से जोड़ते हैं।

    इसी क्रम में ‘आनंदम्’ विषय के अंतर्गत फोटो प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें छात्राओं ने आनंद, सकारात्मकता, संवेदना और जीवन के प्रेरणादायी क्षणों को अभिव्यक्त करती अपनी मौलिक तस्वीरें प्रस्तुत कीं। प्रतियोगिता के परिणाम अगले दिन घोषित किए जाएंगे।

    कार्यक्रम का संयोजन काॅलेज के फोटोग्राफी क्लब के मुख्य समन्वयक डॉ. बचन सिंह ने किया। डॉ. राजकुमार बैरवा ने कार्यक्रम का संचालन किया तथा श्रीमती चेतना सहल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. निधि माथुर, श्रीमती अनीता कटारा, डॉ. दिलीप पंवार एवं डॉ. सरिता शर्मा ने भी फोटोग्राफी के महत्व एवं उसकी उपयोगिता पर अपने विचार साझा किए।

    कार्यशाला में छात्राओं की सक्रिय सहभागिता विशेष आकर्षण रही। कार्यक्रम ने छात्राओं को यह समझने का अवसर दिया कि फोटोग्राफी केवल किसी दृश्य को कैमरे में कैद करने की तकनीक नहीं, बल्कि अवलोकन, संवेदना, रचनात्मक अभिव्यक्ति और किसी क्षण की कहानी को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की कला भी है।

     

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